भारत-जापान के रिश्तों को मिला नया आयाम, दो अहम दस्तावेजों पर हुए हस्ताक्षर

India-Japan relations got a new dimension

नई दिल्ली: यूक्रेन संघर्ष से पैदा हुई वैश्विक चुनौतियों और भारत की अध्यक्षता में हो रहे G20 के लिहाज से जापान के प्रधानमंत्री का भारत दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इसे भारत-जापान (India-Japan) के रिश्तों का नया अध्याय भी बताया जा रहा है।

इसी सिलसिले में पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने सोमवार 20 मार्च, 2023 को दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत-जापान वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने का संकल्प लिया और कहा कि यह शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही पीएम मोदी ने G20 की अध्यक्षता को ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद करने का मंच बताया।

भारत-जापान के बीच दो दस्तावेजों पर हुए हस्ताक्षर

केवल इतना ही नहीं इस बीच विदेश मंत्रालय में भारत-जापान के बीच दो दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी हुए। पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा द्वारा भारत-जापान वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने का संकल्प लेने के साथ ही इन दोनों दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए।

इसमें मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) के लिए 300 बिलियन जापानी येन के जापानी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी की ओर से आधिकारिक विकास सहायता ऋण की चौथी किश्त से जुड़े दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही दोनों देशों के विदेश मंत्रालय के बीच भारत में जापानी भाषा की शिक्षा के लिए सहयोग से जुड़े ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।

जून में जापान देगा 2 बिलियन डॉलर

जापान और भारत रक्षा साझेदारी में बढ़ोतरी के साथ संयुक्त अभ्यास पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी क्रम में जापान के पीएम ने जानकारी दी कि जून में जापान 800 समुद्री सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित करने में मदद करेगा और मुक्त हिंद-प्रशांत (एफओआईपी) रणनीति के हिस्से के रूप में गश्ती नौकाएं खरीदने और बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए कम से कम 2 बिलियन डॉलर प्रदान करेगा।

साल 2030 तक हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए जापान जुटाएगा 75 बिलियन डॉलर

जबकि इंडो पैसिफिक पर केन्द्रित 41वें सप्रू हाउस लेक्चर के दौरान उन्होंने कहा कि जापान निजी निवेश, ऋण और अन्य माध्यमों से 2030 तक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक और निजी निधियों में कुल 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक जुटाएगा। इस दौरान उन्होंने पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के मुक्त एवं खुले हिन्द-प्रशांत के विचार को भी दोहराया।

हिंद-प्रशांत को मुक्त रखने के लिए भारत महत्वपूर्ण

जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने एक मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत को सुनिश्चित करने के लिए भारत को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जापान अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप और अन्य जगहों के साथ समन्वय मजबूत करेगा।

भारत-जापान ने वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का लिया संकल्प

गौरतलब हो, सोमवार को दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता की। उसके बाद में दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य दिया। विदेश मंत्रालय में इस दौरान दो दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था व वाणिज्य, जलवायु व ऊर्जा, रक्षा व सुरक्षा, पी2पी, कौशल विकास में सहयोग पर ध्यान देने के साथ व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई।

दोनों नेताओं ने भारत-जापान वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने का संकल्प लिया है। दोनों ने कहा कि यह शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी सहयोग, व्यापार, स्वास्थ्य व डिजिटल साझेदारी पर विचारों का आदान प्रदान किया। जापान के प्रधानमंत्री विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए G20 की भारत की अध्यक्षता और G7 की जापान की अध्यक्षता के बीच तालमेल बिठाने के लिए भारत यात्रा पर आए हैं।

पीएम मोदी को G7 शिखर सम्मेलन में किया आमंत्रित

इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने पीएम मोदी को G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के साथ हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री किशिदा की यात्रा भारत और जापान के बीच आपसी सहयोग की गति को बनाए रखने में मददगार होगी। पीएम मोदी ने अपनी मुलाकात को विशेष बताते हुए कहा कि इस साल भारत G20 और जापान G7 की अध्यक्षता कर रहा है। इस दौरान प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने का सबसे अच्छा अवसर है।

गौरतलब है कि जापान के प्रधानमंत्री किशिदा ने औपचारिक रूप से पीएम मोदी को G7 हिरोशिमा शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है। इस संबंध में पीएम मोदी ने कहा, “जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने मुझे G7 नेताओं के शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया जो मई में हिरोशिमा में आयोजित किया जाएगा। मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारा जुड़ाव हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करेगा और आपसी सहयोग को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”

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