ED में राहुल गांधी की पेशी का आज 5वां दिन

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए राहुल गांधी को मंगलवार को फिर बुलाया हैं। सोमवार को राहुल से करीब 12 घंटे पूछताछ की गई। वह देर रात करीब 12 बजे ED ऑफिस से बाहर निकले। इसी मामले में ED कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से 23 जून को सवाल करेगी।

राहुल से ED की टीम पिछले हफ्ते सोमवार​​​​​ से बुधवार तक लगातार 3 दिन में 30 घंटे और सोमवार को 12 घंटे पूछताछ कर चुकी हैं। यानी 4 दिनों में राहुल से करीब 42 घंटे पूछताछ की जा चुकी हैं। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद थी कि सोमवार को पूछताछ खत्म हो जाएगी, लेकिन मंगलवार को फिर राहुल को समन करने के बाद पार्टी नेताओं ने फिर से प्रदर्शन की तैयारी कर ली हैं। पार्टी ने मंगलवार को अपने सभी सांसद-विधायकों को दिल्ली बुलाया हैं। ऐसे में यह अनुमान हैं कि राहुल की पहली तीन पेशी की तरह आज भी दिल्ली में हंगामेदार प्रदर्शन होगा।

राहुल के जवाबों से संतुष्ट नहीं ED अफसर:

अब तक हुई पूछताछ में ED अधिकारी राहुल के जवाबों से असंतुष्ट नजर आए। वहीं, राहुल गांधी ने कहा- लगता हैं अब यहां रोज आना पड़ेगा, क्योंकि पूछताछ लंबी चलेगी। नेशनल हेराल्ड केस में राहुल के अलावा सोनिया गांधी, सुमन दुबे और सैम पित्रौदा भी आरोपी हैं। दो आरोपी ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा का निधन हो चुका हैं।

कांग्रेस नेताओं ने किया सत्याग्रह:

अधिकारियों ने पूछे यंग इंडिया संबंधी सवाल:

राहुल गांधी से 3 दिन की पूछताछ में सिर्फ 50% सवाल ही पूछे जा सके हैं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में ED अफसर उनके जवाबों से असंतुष्ट नजर आए। पूछताछ में राहुल ने यंग इंडिया लिमिटेड को नो प्रॉफिट नो लॉस वाली कंपनी बताया। ED अधिकारियों ने सामाजिक कार्यों को गिनाने को कहा, जो इस कंपनी के जरिए किए गए।

नेशनल हेराल्ड केस क्या हैं?

BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था।

आरोप के मुताबिक, इन कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड, यानी YIL नाम का आर्गनाइजेशन बनाया और उसके जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली असोसिएटेड जर्नल लिमिटेड, यानी AJL का अवैध तरीके से अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ऐसा दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपए की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था।

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